हाइलाइट्स
लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है ‘वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक’.
WHO द्वारा इसकी स्थापना की गई थी.
इस मौके पर कई संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
World Antibiotics Awareness Week: गले में खराश हो या तेज बुखार हो उसे ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं का ज़रूरत से ज्यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है. बता दें कि बैक्टीरियल इंफेक्शन या इससे होने वाली समस्याओं को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक का प्रयोग किया जाता है, लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे खाना किसी बड़ी मुसीबत का कारण भी बन सकता है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन करने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. साथ ही छोटी-छोटी बीमारी में इसका इस्तेमाल करने से इसका शरीर पर पड़ने वाला असर भी कम हो सकता है. पिछले कुछ सालों में वायरस अधिक शक्तिशाली हो गए हैं, जिन पर कई एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं करतीं. यही वजह है कि लोगों को एंटीबायोटिक से होने वाल फायदे और नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए हर वर्ष 18-24 नवंबर तक ‘वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक’ मनाया जाता है.
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क्या है वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक का इतिहास
वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक की स्थापना विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा की गई थी. WHO का जब विश्व में एंटीबायोटिक के अधिक प्रयोग और उससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त हुई तब मई 2015 में एंटीबायोटिक प्रतिरोध को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय इमर्जेंसी मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें दुनियाभर से मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों को शामिल किया गया. तब से लोगों को एंटीबायोटिक के प्रति सचेत करने के लिए ये वीक मनाया जा रहा है.
वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक मनाने का उद्देश्य
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक उपयोग चिंता का विषय है. लोगों द्वारा छोटी-छोटी बीमारी में एंटीबायोटिक का सेवन हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खासकर बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयां लेने से जान का जोखिम भी हो सकता है. लोगों को एंटी-बायोटिक से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से ये सप्ताह मनाया जाता है. डब्ल्यूएचओ वैश्विक एंटीबायोटिक प्रतिरोध को लेकर पांच लक्ष्यों को चिंहित किया गया है-
– जागरूकता बढ़ाना
– निगरानी और अनुसंधान
– संक्रमण को कम करना
– रोगाणुरोधी दवाओं का उपयोग करना
– टिकाऊ निवेश के लिए प्रतिबद्ध होना
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वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक थीम 2022
वर्ल्ड एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक 2022 की थीम है- ‘Preventing antimicrobial resistance together’ यानी रोगाणुरोधी प्रतिरोध की रोकथाम के लिए मिलकर काम करना.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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Tags: Awareness, Health, Lifestyle, WHO
FIRST PUBLISHED : November 19, 2022, 09:16 IST