गोटू कोला है बेहद फायदेमंद हर्ब, वजन कम करने से लेकर स्ट्रेस करे दूर, जानें इसके अन्य सेहत लाभ


हाइलाइट्स

गोटू कोला एक हर्ब है और इसके पत्तों में कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं.
गोटू कोला ब्रेनपावर को बूस्ट करता है.
इसके सेवन से वजन भी कंट्रोल होता है.

Gotu Kola Benefits: क्या आपने गोटू कोला का नाम सुना है? दरअसल, गोटू कोला हर्ब यानी जड़ी-बूटी एक पौधा है और इसकी पत्तियां छोटी गोलाकार और हरे रंग की होती हैं. अंग्रेजी में इसे सेंटेला एशियाटिका (Centella Asiatica) कहा जाता है. इसके इन छोटे-छोटे पत्तों में कई औषधीय गुण छिपे होते हैं. आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल वर्षों से कई रोगों को दूर करने के लिए किया जा रहा है. वैसे तो यह बेहद फायदेमंद हर्ब है, लेकिन इसके सेवन से पहले आप एक बार एक्सपर्ट की राय जरूर ले लें. ऐसा इसलिए, क्योंकि बिना जानकारी के अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. आइए जानते हैं गोटू कोला के फायदों के बारे में.

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गोटू कोला के फायदे

1.हेल्थलाइन में छपी एक खबर के अनुसार, गोटू कोला को उम्र बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी (Herb of Longevity) कहा जाता है. गोटू कोला में ब्रेनपावर को बूस्ट करने, त्वचा संबंधित समस्याओं को ठीक करने, लिवर और किडनी हेल्थ को दुरुस्त रखने के गुण मौजूद होते हैं.

2. गोटू कोला जड़ी-बूटी अल्जाइमर्स डिजीज के इलाज में भी फायदेमंद साबित हो सकती है. इसमें कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो याद्दाश्त और नर्व फंक्शन को बेहतर बनाते हैं. इससे तैयार एक्सट्रैक्ट या सत व्यवहार संबंधी असामान्यताओं पर पॉजिटिव असर करता है.

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3. चूहे पर किए गए एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि गोटू कोला में एंटी-एंजाइटी प्रभाव होते हैं. गोटू कोला का उन नर चूहों पर एंटी-एंजाइटी प्रभाव देखा गया, जो 72 घंटों तक सोए नहीं थे. नींद की कमी से चिंता, ऑक्सीडेटिव नुकसान और न्यूरोइन्फ्लेमेशन हो सकता है. ऐसे में गोटू कोला के सेवन से स्ट्रेस, चिंता जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है.

4. गोटू कोला हर्ब ना सिर्फ एंजाइटी, स्ट्रेस, डिप्रेशन को ठीक करता है, बल्कि इसका इस्तेमाल नींद से जुड़ी समस्या इन्सोम्निया को दूर करने के लिए भी किया जाता है. नींद ना आने की वजह स्ट्रेस, डिप्रेशन, एंजाइटी की समस्या भी होती है. कई एक्सपर्ट का ये भी मानना है कि इन्सोम्निया और अन्य स्लीप डिसऑर्डर के इलाज में दवाओं के इस्तेमाल की बजाय गोटू कोला सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है.

5. गोटू कोला में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं. अर्थराइटिस के इलाज में इसे इस्तेमाल करना फायदेमंद साबित हो सकता है. यह हर्ब जोड़ों में होने वाले इंफ्लेमेशन, दर्द, हड्डियों और कार्टिलेज के क्षरण को कम करता है. इसका एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव इम्यून सिस्टम पर भी सकारात्मक असर करता है.

6. गोटू कोला में विटामिंस और मिनरल्स भरपूर होते हैं. साथ ही इसमें फाइबर भी काफी अधिक होता है. फाइबर के अधिक सेवन से पाचन दुरुस्त बनी रहती है. पेट स्वस्थ रहने से वजन कम करना जल्दी संभव होता है. फाइबर वजन घटाने में काफी कारगर होता है.

गोटू कोला कब ना करें इस्तेमाल

  • प्रेग्नेंसी के दौरान, ब्रेस्टफीटिंग कराते समय
  • हेपेटाइटिस या लिवर डिजीज होने पर
  • आने वाले एक-दो सप्ताह में सर्जरी होने की स्थिति में ना करें सेवन
  • 18 वर्ष से कम उम्र वाले ना करें इस्तेमाल
  • स्किन कैंसर होने पर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल, लिवर डिजीज, डायबिटीज, एंग्जायटी, स्लीप के लिए दवाएं लेते हों.

Tags: Health, Lifestyle



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